बसपा प्रमुख मायावती ने की समीक्षा बैठक

बसपा प्रमुख मायावती ने की समीक्षा बैठक

लखनऊ, 01 दिसम्बर (वार्ता) देश में व्यापक जनाधार को आतुर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने रविवार को यहां पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की तैयारियों के लिए जरुरी दिशा-निर्देंश दिये।
उत्तर प्रदेश को छोड़ कर देश भर के पदाधिकारियों के साथ हुयी बैठक में विभिन्न प्रदेशों और देश की राजनीतिक स्थिति की भी समीक्षा की गई तथा आगे की चुनौतियों का सही ढंग से सामना करने के लिए पार्टी संगठन को हर प्रकार से चुस्त व दुरुस्त करने की हिदायत दी गई।
बैठक को सम्बोधित करते हुये सुश्री मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर की छह दिसम्बर को होने वाले पुण्यतिथि के कार्यक्रम संगोष्ठी के रुप में इस वर्ष भी आयोजित किये जायेंगे जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी जरुरी है। इन संगोष्ठियों के माध्यम से बहुजन समाज के हाथों में सत्ता की मास्टर चाभी प्राप्त करने के लिए उनके द्वारा किये गये उनके प्रयासों व अनवरत संघर्षों का वर्तमान समय में महत्व आदि के सम्बन्ध में लोगाे को जागरुक करने की जरुरत है, क्योंकि वर्तमान राजनीतिक वातावरण में खासकर दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग व अल्पसंख्यक समाज के करोड़ों लोगों को उनके बुनियादी कानूनी व संवैधानिक हकों से वंचित रखने का हर प्रकार का षडयंत्र किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि लखनऊ मण्डल के लोग पहले की तरह अपना श्रद्धा-सुमन गोमती नदी के तट पर स्थित भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में ही आयोजित करेंगे जबकि यूपी के अन्य लोग सेक्टर स्तर पर भव्य संगोष्ठी के माध्यम में श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम करेंगे और बाबा साहेब को नमन करेंगे एवं श्रद्धांजलि देंगे। इस कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर सफल बनाने की अपील की गई।
सुश्री मायावती ने कहा कि आपाधापी में अपरिपक्व तरीके से देश में नोटबन्दी और जी.एस.टी. थोपने का ही दुष्परिणाम है कि देश को आर्थिक मन्दी के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। रोजगार चौपट है तथा बेरोजगारी जबर्दस्त तरीके से लोगों को परेशान कर रही है तथा आम जनजीवन बुरी तरह से देश में प्रभावित है। भाजपा ने कांग्रेस की ही तरह देश व यहाँ की सवासौ करोड़ से अधिक जनता व मेहनतकश लोगों को हर प्रकार से बेहाल व बदहाल कर दिया है जो चिन्ता की बात है।
उन्होने कहा कि बाबा साहेब की सही संवैधानिक व मानवतावादी सोच के आधार पर ही देश को चलाकर यहाँ देश का भला किया जा सकता है जिसके लिए केवल बी.एस.पी. मूवमेन्ट ही समर्पित है, जिसके प्रति लोगों में जागरूकता भरपूर तौर पर पैदा करने की जरूरत है।

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