बाढ़ राहत को लेकर जिलाधिकारी हुए सख्त, दो अधिकारी का रोका वेतन

बाढ़ राहत को लेकर जिलाधिकारी हुए  सख्त, दो अधिकारी का रोका वेतन

गाजीपुर। जिलाधिकारी के बाला जी ने 22 सितम्बर  को मुख्य चिकित्साधिकारी गाजीपुर को बाढ प्रभावित क्षेत्रों मे अपर मुख्य
चिकित्साधिकारी गाजीपुर की देख-रेख मे दवा वितरण का कैम्प आयोजित करने
हेतु निर्देश्ेिात किया गया। दो अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.डी.पी. सिन्हा एवं डा. के.के.वर्मा 
बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर जाने पर एक दिन के वेतन
आहरण पर रोक लगा दी है। बिना सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किये मुख्यालय से बाहर चले गये और अनुशासनहीनता को गम्भीरता से लेते इनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। साथ ही साथ जिलाधिकारी ने बाढ को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि बिना मुख्य चिकित्साधिकारी गाजीपुर की अनुमति के अपने कार्य स्थल को नही छोड़ेगे। यदि आदेश के अनुपालन मे किसी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता परिलक्षित होता है तो सम्बन्धित के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी।
बाढ़  प्रभावित क्षेत्रों मे मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया के निगरानी मे
रेवतीपुर विकास खण्ड के ग्राम हसनपुरा,नसीरपुर,विरऊपुर, अठहठा,
दुल्लहपुर मे बाढ राहत कार्यो एवं राहत सामग्री वितरण का स्थलीय निरीक्षण
किया। उन्होने एन0डी0आर0एफ0 के मोटरवोट से गांव मे बाटे जा रहे राहत
सामग्री का खुद मौके पर वितरण देखा। उन्होने राजस्व कर्मियो को हिदायत दी
कि राहत सामग्री प्रत्येक परिवार को दिया जाय कोई प्रभावित व्यक्ति राहत
सामग्री पाने से वंचित न रहे। उन्होने गांव वालों की असुविधा को देखते
हुए एक और बड़ी नाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। मुख्य विकास
अधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को  ग्रामो मे 2-2 ड्रम मिट्टी का
तेल उपलव्ध कराने का निर्देश दिया।
कमच्छा मन्दिर परिसर मे बनाये गये राहत शिविर मे राहत सामग्री वितरण एवं
राहत कार्यो के संचालन हेतु खण्ड विकास अधिकारी भदौरा, रेवतीपुर,जखनियां,
सादात के अतिरिक्त उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज
अधिकारी एवं अन्य सहायक अधिकारी लगाये गये है। वितरण व्यवस्था हेतु
पर्याप्त संख्या मे राजस्व कर्मी उपस्थित थे।

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