सूर्योपासना का महान पर्व छठ का आज पहला अर्घ्य समाप्त हुआ

सूर्योपासना का महान पर्व छठ का आज पहला अर्घ्य समाप्त हुआ
सीमा सिन्हा, पटना। अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को पहला अर्घ्य देने के साथ सूर्योपासना का महान पर्व छठ का आज पहला अर्घ्य समाप्त हुआ. छठ व्रतियों ने नदियों, तालाबों सहित अपने घरों में भी अर्घ्य दिया. पटना के गंगा तट पर छठ का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. व्रतियों का बडे पैमाने पर गंगा नदी के किनारे आना माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया है. सूर्य के अस्ताचल में जाने का इंतजार में व्रती घंटों नदियों, जलाशयों में खडी रहीं और उन्हें अर्घ्य दिया.
अर्घ्य देने को लेकर घाटों की रौनक देखते ही बनती है. कुछ लोग पैदल तो कुछ गाड़ी से गंगा नदी तट जाने के लिए निकल पडे. सडकों पर काफी भीड देखी गई. गाडी के पार्किंग की जगह-जगह व्यवस्था की गई है. सभी जिलों के जिलाधिकारी सहित प्रमुख अधिकारियों ने नदी तालाब पर बने घाटों का जायजा लिया. पटना में घाटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. बिहार के खगडिया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, बेगूसराय, दरभंगा सहित बिहार के सभी जिलों में आस्था का सैलाब उमड गया. हर नदी के किनारे छठ के अर्घ्य के लिए लोग इकट्ठा हो गए. छठ के घाटों को रंग-बिरंगे बल्बों से सजाया गया है. घाट पर छठ के गीत बज रहे हैं. पटना में आज शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. जबकि मुजफ्फरपुर में आज शाम 5 बजकर 3 मिनट पर सूर्यास्तअस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. वहीं, गया में आज शाम 5 बजकर 7 मिनट पर सूर्यास्त हुआ और अर्घ्य दिया गया. जबकि भागलपुर में आज शाम 4 बजकर 58 मिनट पर सूर्यास्त होने के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. सोमवार की सुबह दूसरा अर्घ्य देने के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न हो जाएगा. आज सुबह श्रद्धालुओं ने गंगा सहित प्रमुख नदियों में स्नान किया और स्नान के बाद भगवान सूर्य की आराधना की उसके बाद गंगाजल से फलों को धोकर उससे सूप सजाया गया. पूरा बिहार छठमय हो गया है. शुद्धता का ध्यान रखते हुए धोए गए गेहूं के आटे से घी और चीनी डालकर ठेकुआ बनाया गया. फिर उस ठेकुआ को भी सूप में तैयार पूजन सामग्री में सजाकर उसे पूरी पवित्रता से रखा गया. 
कुछ लोग नदियों के घाट पर ही परिवार समेत आकर रह रहे हैं, कल प्रात: कालीन अर्घ्य देकर पूजा संपन्न कर वे घर लौटेंगे. कुछ लोग अपने-अपने घरों में भी छठ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग तालाबों, स्विमिंग पूलों में भी आज अर्घ्य दें रहे हैं. आज सुबह से ही छठ पूजा के लिए आवश्यक सामग्री, फल-फूल और सूप-दउडा खरीदने के लिए लोगों की काफी भीड देखी गई। अपराह्न दो बजे से ही व्रती गंगा के तट पर आने लगे थे. दूर के लोग अपने-अपने वाहन से नदी किनारे पहुंच रहे थे, तो घाट के आसपास के मोहल्ले के लोग पैदल ही नदी की धारा तक पहुंच रहे थे. नदी किनारे आने वाली महिलाएं छठी माई एवं भगवान भास्कर के गीत गातीं आ रही थीं. पटना में सर्वाधिक भीड दीघा घाट पर हुई. बांसकोठी, कुर्जी घाट, एलसीटी घाट, काली घाट, महेन्द्रू, कलेक्ट्रेट आदि घाटों पर भी बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. उधर, महान लोकपर्व छठ की लोकप्रियता विदेशों तक जा पहुंची है. छठ पर्व को जानने और नजदीक से देखने के लिए जापान, थाइलैंड और वियतनाम से दर्जनों पर्यटक खास तौर पर बोधगया आए हैं. पर्यटकों ने शनिवार को खरना का महाप्रसाद लिया. जापान की रियो कुसका तथा मंचन एवं निया ने कहा कि अपने देश में इस महान पर्व के बारे में सुना था. इसके बाद इसे देखने लिए काफी उत्सुक थे. मौका आने पर इस पर्व को नजदीक से जानने के लिए यहां पहुंचे हैं. पर्यटकों ने बताया कि यह जानकारी मिली की इस महापर्व में महिलाएं एवं पुरुष कठिन उपवास रखते हैं. इसे हमलोगों ने कैमरे में कैद किया है. स्वदेश लौटने के बाद इसके महत्व के बारे में लोगों को बतायेंगे. दूभाषिये छोटू कुमार ने बताया कि जापान के योकोहामा शहर से जापानी बोधगया पहुंचे हैं. सभी पर्यटक बोधगया के निरंजना नदी के घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य व अगले दिन अहले सुबह उदयागामी आदित्य को अर्घ्य देने का रस्म भी पूरा करेंगे.
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