एक्टिव रखें एक्टिविटीज में

एक्टिव रखें एक्टिविटीज में

बच्चों को घर पर सारी सुविधाएं देकर मोटा करने के बजाय व्यस्त करें आउटडोर एक्टिविटीज में अभिभावक बच्चों को अधिक प्यार देने के चक्कर में उनकी फिटनेस पर ध्यान नहीं देते। इससे बच्चे मोटे हो जाते हैं। बचपन में तो ये अच्छा लगता है, लेकिन जैसे ही वे बड़े होते हैं, उनकी सुंदरता मोटापे का रूप लेकर परेशानी का सबब बनती है। अनियमित दिनचर्या ने बिगाड़ी सेहत शहर में बड़ी संख्या में मौजूद फिटनेस सेंटर और वेट लॉस क्लीनिक इस बात का प्रमाण हैं कि लोगों में मोटापे की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। इनमें सबसे अधिक संख्या 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों की है। बिरहाना रोड स्थित फिटनेस सेंटर की एक्सपर्ट ज्योति अग्रवाल कहती है, अभिभावकों को बच्चों के खान-पान और खेलकूद मंब खास ध्यान देना चाहिए। उम्र के अनुपात में अधिक वजन होने का कारण कुछ लोगों में अनुवांशिक होता है, लेकिन अधिकतर बच्चों में मोटापे का कारण अनियमित दिनचर्या होती है। नियमित व्यायाम और डाइट चार्ट की मदद से मोटापे में नियंत्रण पाया जा सकता है। मोटापे से होते कई रोग डॉ. आरती लालचंदानी कहती है, मोटापे के कारण हॉर्ट, डायबिटीज, कॉलेस्ट्रॉल व हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है। इस तरह के रोग आमतौर पर एक उम्र के बाद शरीर पर प्रभाव डालते है, लेकिन मोटापे से ग्रस्त बच्चों में भी इस तरह के मामले प्रकाश में आ जाते है। 18 वर्ष तक बच्चों का शारीरिक विकास बहुत तेजी से होता है, उनमें नियमित व्यायाम की आदत डालें, अन्यथा मोटापा के कारण कई तरह की घातक बीमारियों से ग्रसित हो सकते है। लाभकारी हैं आउटडोर गेम्स तलवलकर्स फिटनेस सेंटर की फिटनेस एक्सपर्ट गरिमा निगम बताती हैं, अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को अधिक से अधिक आउटडोर गेम्स खेलने को कहें, साथ ही उनके भोजन में जूस, हरी सब्जियां और वसा रहित भोजन शामिल करें। यह उनके शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ मोटापा रोकने में भी कारगर साबित होगा। एक्टिविटी और नियमित व्यायाम से बच्चों को इस तरह की समस्या से बचाया जा सकता है। व्यायाम से घटाएं वजन आजकल लोग फिल्मों में अभिनेताओं की बॉडी देखकर जिम जाना शुरू कर देते हैं। इसी बहाने ही सही अपनी फिटनेस रुटीन में ले आते हैं, वहीं 10 से 18 साल तक के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होता। वे पढ़ाई के बाद वीडियो गेम या टी.वी. में व्यस्त हो जाते हैं। डीएवी कॉलेज से स्नातक कर रही प्रभा दीक्षित बताती है, बचपन में इस बात की समझ नहीं होती है कि मोटापा बढ़ने से क्या नुकसान है। इसका अहसास तो थोड़ा बड़ा होने के बाद ही होता है। मेरे साथ ऐसा ही था। मैं बचपन में काफी मोटी थी, लेकिन जब बड़ी हुई तो स्कूल में बच्चे चिढ़ाने लगे। मैंने फिटनेस ट्रेनर की सलाह पर खाने पीने का चार्ट बनाया। घर में ही चिनिंग, रनिंग और स्किपिंग जैसी एक्सरसाइज के जरिए अपने वजन को कम कर पायी।

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