Wed. Jun 19th, 2019

मोहन सेतु का निर्माण निर्धारित समय से हो सकता है विलम्ब:लागत मे होगी बढोत्तरी

मोहन सेतु का निर्माण निर्धारित समय से हो सकता है विलम्ब:लागत मे होगी बढोत्तरी

मोहन सेतु का निर्माण निर्धारित समय से हो सकता है विलम्ब:लागत मे होगी बढोत्तरी

मोहन सेतु का निर्माण निर्धारित समय से हो सकता है विलम्ब:लागत मे होगी बढोत्तरी
मनोज त्रिपाठी व आत्मदेव मिश्र
बरहज देवरिया। पूर्वांचल के लोकप्रिय नेता एवं समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक तथा सांसद मोहन सिंह की मृत्यु के बाद उनकी अन्तेष्ठी मे शामिल होने तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बरहज आए थे। दाह संस्कार के समय डोमराज ने यहां के जनमानस की आवश्यकता को देखते हुए सरयू नदी पर पक्के पुल की मांग की। जिसे तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव की उपस्थिति मे सपा मुखिया ने स्वीकार कर लिया। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर धनराशि भी अवमुक्त कर दिया।
28फरवरी 2014 को लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव द्वारा लखनऊ मे ही इसका शिलान्यास किये जाने के बाद इसके महत्व को देखते हुए द्रुतगति से इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू हुआ। देवरिया जनपद के अपने दो बड़े गांवो परसियां देवार तथा विसुनपुर देवार के साथ ही मऊ जनपद से सीधा सम्पर्क कराने वाले इस पुल की लागत 95.57 करोड़ आंकी गयी।जिसमें 73.28 करोड़ पुल के लिए जिसकी जिम्मेदारी सेतु निगम को तथा शेष 22.29 करोड से एप्रोच मार्गो के निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग को दी गयी तथा निर्माण की अवधि मार्च 2020 तक निर्धारित की गयी। 2017 मे विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश मे नयी सरकार बनते ही इस महत्वाकाक्षी परियोजना पर मानों ग्रहण लग गया। सेतु निगम के अधिकारीगण कभी बजट की कमी तो कभी नदी मे ज्यादा पानी कभी ठण्ड की वजह से मजदूरों के न मिलने की समस्या का बहाना बनाते रहे। दिसम्बर 2018 के बाद फिर एकबार परियोजना ने रफ्तार पकडने की कोशिस की किन्तु लोकसभा चुनावों के शोर मे फिर कच्छप गति से कार्य अपनी प्रगति पर गतिशील है। इस सम्बन्ध मे निर्माणाधीन पुल पर जिम्मेदारी सम्भाल रहे सेतु निगम के अवर अभियन्ता श्री राम सिंह ने बताया कि 2023 तक कार्य पुर्ण होने की सम्भावना है। इस पुल का बहुत पहले मांग की गई थी लेकिन कभी मंजूर नही हुआ।
मोहन सेतु का निर्माण निर्धारित समय से हो सकता है विलम्ब:लागत मे होगी बढोत्तरी
मोहन सेतु का निर्माण निर्धारित समय से हो सकता है विलम्ब:लागत मे होगी बढोत्तरी
कुछ लोग अपनी वाहवाही लूट रहे है लेकिन इस पुल की मांग बहुत पहले से था
बरहज। जिले के बरहज तहसील में मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति के युवा आंदोलनकारियों की मेहनत रंग लायी है। इसके साथ ही देवरिया और मऊ जनपद को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित मोहन सेतु का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया। इस पुल का मांग बहुत पहले किया जा चुका है लेकिन हो नही पा रहा था।
आपको बता दें कि स्थानीय जनता की मांग पर बरहज में बहुत दिन से थी जिससे घाघरा नदी पर फरवरी 2014 में तत्कालीन मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव सरकार ने प्रसिद्ध समाजवादी नेता मोहन सिंह के नाम पर मोहन सेतु के निर्माण को हरी झंडी दिखायी थी। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इसका शिलान्यास भी किया था। आपको बता दें कि सरयू तट पर निर्माणाधीन स्वर्गीय मोहन सिंह सेतु का निर्माण कार्य पिछले छः महीने से अवरुद्ध था।
इस नाते स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त था। सेतु के निर्माण कार्य को पुनः प्रारम्भ कराने को संकल्पित होकर बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित के नेतृत्व में 51 सदस्यीय मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया।
समिति ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर पुल के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने के लिए हरसंभव दबाब बनाना शुरू किया। मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति और समाजवादी पार्टी के युवा नेता विजय रावत ने निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाने के लिए 16 जनवरी को बरहज में एक विशाल धरने का आयोजन भी किया था। सेतु निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित व वरिष्ठ सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में मोहन सेतु का दौरा किया गया जहाँ मौके पर निर्माण कार्य चालू हालात में मिला। उसके बाद आश्रय महाविद्यालय के छात्रसंघ भवन में बैठक करके निर्माण कार्य चालू होने पर संघर्ष समिति व समाजवादी पार्टी के नेताओ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कल से होने वाले विशाल धरना प्रदर्शन व आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
धन्य है बरहज के डोमराज
आज के परिवेश अपने राजा से धन या अपने बच्चों के लिए कोई भी नौकरी मांगता लेकिन बरहज घाट पर डोमराज ने मांग किया तो सार्वजनीक रूप से इस पुल का जिसको तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह के सिफारिश पर मंजूर कर दिया।
हुआ यूं कि जब मोहन सिंह को मुखग्नि देनी थी उस समय डोमराज आग नही दे रहे थे तब मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आपको क्या चाहिए बताओ, डोमराज ने तपाक से बोले हमको कुछ नहीं चाहिए आप एक पुल का निर्माण करा दे जिससे बरहज और आसपास के लोग आसानी से मऊ ज़िलों में जा सके। हज़ारों की भीड़ तालियों से डोमराज का स्वागत किया और फिर डोमराज ने अग्नि दी जिससे मोहन सिंह की चिता का अंतिम संस्कार हुआ।

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