Wed. Jun 19th, 2019

चुनाव खत्म होते ही एक्शन में आए मंत्री, क्रय केंद्र पर मिली खामियां, जांच के निर्देश

चुनाव खत्म होते ही एक्शन में आए मंत्री, क्रय केंद्र पर मिली खामियां, जांच के निर्देश

चुनाव खत्म होते ही एक्शन में आए मंत्री, क्रय केंद्र पर मिली खामियां, जांच के निर्देश

चुनाव खत्म होते ही एक्शन में आए मंत्री, क्रय केंद्र पर मिली खामियां, जांच के निर्देश
रतन कुमार सिंह
बलिया: लोकसभा चुनाव खत्म होते ही सूबे के मंत्री व फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी एक्शन में आ गए। उन्होंने शुक्रवार को अपने क्षेत्र के गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह कमियां मिलीं। क्रय केंद्रों की दुर्दशा देख नाराज मंत्री तिवारी ने क्रय केंद्रों पर हालात जल्द सुधारने की चेतावनी दी। मंत्री ने बताया कि क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह औचक निरीक्षण हुआ।
उपेंद्र तिवारी चितबड़ागांव क्रय केंद्र पर प्रभारी से पूछताछ की तो पता चला कि दो दिनों से कांटा खराब है। जबकि मौके पर कांटा सही मिला। वहीं साढ़े छह सौ लोगों के पंजीकरण के मुकाबले 285 लोगों का गेहूं खरीदा गया है। मंत्री ने रजिस्टर देखकर छोटे-बड़े किसानों का आंकड़ा मिलाया तो देखा कि इसमें सिर्फ 80 किसान ही छोटे किसान हैं। यहां पंजीकरण के हिसाब से खरीदारी भी नहीं हो रही थी। मात्र 11 हजार 500 कुंतल ही खरीद हुई थी। मंत्री ने कुछ किसानों से वस्तुस्थिति का अवलोकन भी किया।
किसान वीरबहादुर सिंह ने कहा कि खरीद हो जाने के बाद अभी तक उनके खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। इस पर मंत्री श्री तिवारी ने 72 घंटे के भीतर किसानों के खाते में पैसे हस्तांतरित करने का निर्देश मौके पर मौजूद एसडीएम सदर व डिप्टी आरएमओ नरेंद्र त्रिपाठी को दिया। करची के किसान संतोष सिंह को फोन लगवाया और पूछा तो पता चला कि बेल्थरारोड तहसील में करनी गांव के रहने वाले हैं। उतनी दूर से चितबड़ागांव में आकर गेहूं बेचने का कारण पूछा। केंद्र प्रभारी से करनी के किसान का खसरा खतौनी मांगी।
खरीद की सूची में दर्ज बहुता चक उपाध्याय के किसान शम्भू यादव से भी मंत्री ने फोन पर बात की। मंत्री के पूछने पर उसने बताया कि तीन बीघे गेहूं की खेती किया था। जबकि उसके नाम पर 95 कुंतल खरीद दिखाई गई है। साथ ही पता चला कि बहुता चक उपाध्याय गांव भी बेल्थरारोड तहसील में ही है। इस पर केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई कि आखिर केंद्र के नजदीक के गांवों की खरीद प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं हो पा रही है। दूसरी तहसीलों के किसानों की खरीद की जांच के निर्देश डिप्टी आरएमओ को दिया। पंजीकृत किसान चंदन कुमार को फोन लगवाया तो उनका नम्बर गलत मिला।
सूची में किसान चंदन कुमार का गांव सोहांव के रूप में दर्ज था। जबकि सोहांव से मंत्री ने पता कराया तो उस गांव में इस नाम का कोई व्यक्ति मिला ही नहीं। मंत्री श्री तिवारी ने कांटा का भी निरीक्षण किया। जाते-जाते उन्होंने केंद्र प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश नोडल अधिकारी को दिया। उन्होंने कहा कि यहां मिली कमियां यह बताती हैं कि क्रय केंद्रों पर बिचौलियों का बोलबाला है। इस पर प्रभावी कार्रवाई होगी।

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