गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पूरनपुर में ‘भारतीय कृषि एवं संतुलित विकास : चुनौतियाँ, अवसर और भावी दिशा’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं छात्र सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के प्रति नई दिशा एवं ऊर्जा प्रदान की। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. आशुतोष प्रिय ने भारतीय कृषि के वर्तमान परिदृश्य, तकनीकी नवाचारों तथा संतुलित आर्थिक विकास के विविध आयामों पर विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि गन्ना कृषक महाविद्यालय का नाम ही क्षेत्र के किसानों के ऐतिहासिक योगदान और संघर्ष की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है। उन्होंने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए उपयोगी शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए स्मार्ट तकनीक, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, डिजिटल माध्यमों और अनुसंधान आधारित नवाचारों को अपनाना अनिवार्य है। कुलपति महोदय ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए शिक्षा जगत की सामूहिक प्रतिबद्धता पर विशेष जोर दिया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteमुख्य वक्ता प्रो. आशुतोष प्रिय ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के वास्तविक और समावेशी विकास के लिए कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के बीच संतुलन स्थापित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल खाद्यान्न उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, आजीविका और सामाजिक स्थिरता का प्रमुख आधार है। कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के साथ छोटे एवं सीमांत किसानों की आर्थिक क्षमता और संसाधनों को ध्यान में रखना होगा, तभी विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर जय नारायण पांडेय ने कहा कि देश के प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ना आवश्यक है। किसानों के पास सीमित भूमि और संसाधन होने के बावजूद उनमें आत्मनिर्भर बनने की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए कृषि आधारित उद्यमिता, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करना होगा।कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर बीएससी कृषि के विद्यार्थियों ने आईओटी आधारित कृषि प्रणाली, स्मार्ट एग्रीकल्चर, क्रॉप वेस्ट के उपयोग, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे विषयों पर शोधपरक प्रस्तुतियां दीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने प्रो. जोगेंद्र पांडेय की माता स्वर्गीय सरयू देवी के नाम पर समर्पित सभाकक्ष का लोकार्पण किया।
संगोष्ठी में शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि शिक्षा को व्यावहारिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और किसानों की समृद्धि से जोड़ना रहा।
मीडिया सेल, एमजेपीआरयू, बरेली