बरेली;अनुप्रयुक्त भौतिकी विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष प्रो. सलीम खान के मार्गदर्शन में महर्षि वाल्मीकि जयंती, संत मीराबाई जयंती तथा एम.एससी. (भौतिकी) के विद्यार्थियों का स्वागत एवं परिचय समारोह हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ संपन्न हुआ।कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों के बीच आपसी परिचय, सौहार्द, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जी एवं संत मीराबाई जी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। उनके जीवन, विचारों एवं आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।स्वागत एवं परिचय समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा अनेक शिक्षाप्रद, मनोरंजक तथा गीत-संगीत से संबंधित प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक, जीवंत एवं आनंदमय बना दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘स्वागत एवं परिचय समारोह 2026’ के अंतर्गत विभिन्न उपाधियों का चयन रहा।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/विद्यार्थियों की प्रतिभा, प्रस्तुति एवं सहभागिता को ध्यान में रखते हुए मिस्टर फ्रेशर, मिस फ्रेशर, मिस्टर परफॉर्मर एवं मिस परफॉर्मर सहित अन्य उपाधियों के लिए चयन सर्वसम्मति से किया गया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा दिया।कार्यक्रम के दौरान विभाग के डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. आबिद हुसैन, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. दुर्गेश सिंह एवं सुश्री शाइस्ता कमर की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी शिक्षकों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन किया।विभागाध्यक्ष प्रो. सलीम खान के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने विभाग में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण, आपसी सहयोग, सांस्कृतिक समरसता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की भावना को सुदृढ़ किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और संपूर्ण वातावरण उल्लासपूर्ण बना रहा।अंततः यह समारोह विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अवसर सिद्ध हुआ, जिसने नए विद्यार्थियों को विभागीय परिवार से जुड़ने तथा अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया। कार्यक्रम ने शिक्षा के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी प्रोत्साहित किया।