लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूस की State Duma के चेयरमैन व्याचेस्लाव वोलोदिन से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस मैत्री और संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।ओम बिरला ने भारत-रूस के विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होने को महत्त्वपूर्ण अवसर बताया।लोक सभा अध्यक्ष ने भारत और रूस की संसदों के बीच Inter-Parliamentary Commission की अगली बैठक आयोजित करने पर विचार करने का सुझाव दिया। दोनों पक्षों ने संस्थागत संसदीय संवाद के महत्त्व पर चर्चा की।दोनों नेताओं ने संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान तथा युवा एवं महिला सांसदों के बीच संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से संपर्क मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।ओम बिरला ने Sansad Bhashini के माध्यम से संसदीय कार्यवाही को विभिन्न भारतीय भाषाओं में सुलभ बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने संसदीय कामकाज को अधिक सरल और जन-केंद्रित बनाने में तकनीक की भूमिका रेखांकित की।लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि BRICS देशों की संसदों के बीच निकट सहयोग वैश्विक चुनौतियों के समाधान और विकासशील देशों की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की। श्री ओम बिरला ने इस मुद्दे पर भारत को रूस के समर्थन की सराहना की।ओम बिरला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के समर्थन की सराहना की। दोनों पक्षों ने व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, उद्योग और जन-जन के संपर्क को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।