डीएमई मीडिया स्कूल ने आयोजित किया ‘मीडिया शिफ्ट 2026’ सेमिनार, स्टार्टअप, तकनीक और मीडिया के भविष्य पर हुई चर्चा

*नोएडा, दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डीएमई) के मीडिया स्कूल के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से 15 अक्टूबर को एनएम हॉल में ‘मीडिया शिफ्ट 2026’ सेमिनार का आयोजन किया गया। ‘स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और टैलेंट: मीडिया के भविष्य को नई दिशा’ विषय पर आयोजित इस सेमिनार में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप, नई तकनीकों, उभरते करियर अवसरों और नवाचार की भूमिका पर चर्चा की गई।सेमिनार में मीडिया और कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इनमें डिजीस्‍ट्रीट मीडिया के सीईओ श्री दर्पण शर्मा, भोपूवाला के संस्थापक श्री अभिषेक शर्मा, एडफैक्टर्स पीआर की सीनियर अकाउंट मैनेजर सुश्री मेघा चतुर्वेदी, रेनेसां आर्ट एंड फिल्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मनोज मेहरा, ट्राइजी इनोवेशंस की ब्रांड मैनेजर सुश्री कुहू सेतिया और मीडिया ट्रेंड्ज के सीईओ श्री रोहित कुमार शामिल रहे।सेमिनार का प्रमुख आकर्षण *‘स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और टैलेंट: मीडिया के भविष्य को नई दिशा’* विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। इसका संचालन डीएमई मीडिया स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विशाल सहाय ने किया। चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने मीडिया क्षेत्र में बदलती कार्यशैली, तकनीकी नवाचार, कंटेंट निर्माण और भविष्य की पेशेवर जरूरतों पर अपने विचार साझा किए।श्री दर्पण शर्मा ने मीडिया उद्योग में मल्टीटास्किंग के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न कौशल विकसित करने और बदलती जिम्मेदारियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की सलाह दी। वहीं, श्री अभिषेक शर्मा ने प्रभावशाली और आकर्षक मीडिया कंटेंट तैयार करने में कहानी कहने की कला यानी स्टोरीटेलिंग को महत्वपूर्ण बताया।सुश्री कुहू सेतिया ने मीडिया उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका और पेशेवर कार्यप्रणाली में इसके उपयोग पर चर्चा की।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/श्री मनोज मेहरा ने एआई के आगमन के बाद फिल्म निर्माण में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नई तकनीकें फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित कर रही हैं।सुश्री मेघा चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को जेनरेशन-जेड और एआई से भयभीत होने के बजाय बदलती पीढ़ी की अपेक्षाओं को समझने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, श्री रोहित कुमार ने प्रतिस्पर्धी मीडिया जगत में मौलिकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विशिष्ट विचार और प्रामाणिक कंटेंट किसी भी पेशेवर की अलग पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। उन्हें मीडिया विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने, उद्योग की व्यावहारिक कार्यप्रणाली समझने और विज्ञापन, जनसंपर्क, डिजिटल कंटेंट निर्माण, उद्यमिता तथा संचार के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को जानने का अवसर मिला। चर्चा में एआई, ब्रांड कम्युनिकेशन और स्वतंत्र मीडिया उद्यमों की बढ़ती प्रासंगिकता पर भी विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर डीएमई के महानिदेशक माननीय न्यायमूर्ति श्री भंवर सिंह तथा डीएमई की निदेशक प्रो. (डॉ.) कोमल विग की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों एवं विशेषज्ञों का स्वागत किया गया। डीएमई मीडिया स्कूल की प्रमुख डॉ. पारुल मेहरा ने संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विशेषज्ञों को सम्मानित किया।कार्यक्रम का आयोजन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के संयोजक डॉ. विशाल सहाय तथा सह-संयोजक सुश्री गरिमा जैन के मार्गदर्शन में किया गया। सेमिनार में डीएमई मीडिया स्कूल के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।‘मीडिया शिफ्ट 2026’ के माध्यम से डीएमई मीडिया स्कूल ने मीडिया शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों को व्यावसायिक अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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