चंडीगढ़– पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस में मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तलाशी ली। CBI की टीमों ने मोहाली और संगरूर में भी कुछ ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मिली रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमान समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मामला मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य लोगों से जुड़े आरोपों का है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के DGP को पत्र भेजकर सरकारी अधिकारियों के तबादले-पोस्टिंग, सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप और अन्य फैसलों को प्रभावित करने के आरोप लगाए थे। ED ने इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी।
FIR दर्ज न होने के बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को CBI को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने और दो महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग करने को भी कहा है।
ED की ओर से लगाए गए आरोपों में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच, टेंडर और लाइसेंस से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का उल्लेख है। जांच में नितिन गोहल समेत कुछ निजी लोगों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप जांच का विषय हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
सीबीआई की रेड पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पोस्ट
बीजेपी ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है… मेरे कैंप ऑफिस पर CBI का छापा पड़ा… अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए पंजाब में ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जाएगा… लोगों से मिल रहे प्यार से बीजेपी घबरा गई है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची पंजाब सरकार
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की। सरकार ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन तत्काल सुनवाई नहीं हो सकी। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने मामले को बाद में सुनने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला
ED ने पंजाब DGP को भेजे पत्रों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और FIR की मांग की थी। इनमें सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग-ट्रांसफर, सरकारी कामकाज में कथित दखल और जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी CLU से जुड़े मामलों का भी उल्लेख था। हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि ED की शिकायतों के बावजूद पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद अदालत ने मामले की जांच CBI को सौंप दी।
CBI की मंगलवार की कार्रवाई अब इसी न्यायिक आदेश के तहत शुरू हुई जांच का हिस्सा है। मामले में आगे CBI की जांच और अदालत में पेश की जाने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।