विकसित भारत का मूल भारतीय भाषाओं में है : प्रो. रामनारायण

नई दिल्ली, डॉ भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय में हिंदी विभाग एवं राजभाषा समिति के तत्वावधान में आयोजित ‘हिंदी पखवाड़ा-2026’ समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर ‘राजभाषा हिंदी के विविध आयाम’ विषय पर व्याख्यान व पुरस्कार वितरण किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. रामनारायण पटेल, विशिष्ट अतिथि लोकसभा सचिवालय के उपनिदेशक उपेंद्र नाथ रहे। इस मौके पर हिंदी विभाग के प्रभारी प्रो. बिजेन्द्र कुमार के साथ राजभाषा की संयोजिका प्रो. शशि रानी उपस्थित रही। कार्यक्रम में ब्राक मीडिया के ग्यारहवें अंक का विमोचन किया गया।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की सराहना किया। प्रो. सदानन्द ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें राजभाषा हिंदी के व्यावहारिक महत्व से भी परिचित कराते हैं।महाविद्यालय राजभाषा समिति के सह – संयोजक प्रो. रामप्रकाश द्विवेदी ने राजभाषा हिंदी की वर्तमान स्थिति और उसके विभिन्न आयामों पर विद्यार्थियों का ध्यान केंद्रित किया। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की विविध भाषाई एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण माध्यम है।

read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteउन्होंने हिंदी के मानकीकरण, पारिभाषिक शब्दावली के विकास तथा बदलते समय के अनुरूप हिंदी को समृद्ध करने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उपेन्द्र नाथ ने राजभाषा हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानक हिंदी, पारिभाषिक शब्दावली तथा अभिधा, लक्षणा और व्यंजना जैसे भाषिक पक्षों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी प्रशासनिक, आर्थिक और राजनीतिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। साथ ही उन्होंने सरकारी कार्यों एवं दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए सभी को प्रेरित किया।बतौर मुख्य वक्ता प्रो. रामनारायण पटेल ने कहा कि हिंदी हमारी प्रशासनिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने मानक हिंदी, पारिभाषिक शब्दावली तथा हिंदी के व्यावहारिक और व्यापक प्रयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, प्रशासन और दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को निरंतर बढ़ावा दिया जाना चाहिए।कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन युवा कवि डॉ. आदर्श मिश्र ने किया।धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शशि रानी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. राजेश उपाध्याय, प्रो. ममता, प्रो. कुसुम नेहरा, प्रो. राजवीर वत्स, डॉ. राजबाला गौतम, डॉ. राकेश यादव, डॉ. मंजू, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. सरोज, डॉ. प्रवीण झा, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. सुभाष गौतम, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. संजीत, डॉ. धनंजय, डॉ. तानिया, डॉ. रॉक्सी, राकेश कुमार के साथ भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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