देहरादून, देवभूमि में इस बार विधान सभा चुनाव में तीसरे मोर्चे की सरकार बननी तय है। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की करतूत यहां की जनता से देख ली है और इस बार उन्होने मन बना लिया है कि उत्तराखंड में तीसरे विकल्प यानि तीसरे मोर्चे की सरकार बनाएगी। इस समय देश में सभी फ्रंटो को एक होकर भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ गोलबंद होने की जरूरत है। लोगों को संकल्प लेकर इस सरकार को साथ ही कांग्रेस को उखाड़ फेंकना चाहिए। यह बात उत्तराखंड के देहरादून के हरिद्वार रोड राजधानी वेडिंग प्वाइंड, उत्तराखंड में समानता पार्टी और अखिल भारतीय समानता मंच के बैनर तले आयोजित सवर्ण सम्मेलन में हरिद्वार के शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरुप महाराज ने कही।उन्होंने कहा कि पूरे देश में तीसरे विकल्प की ओर लोगों का झुकाव शुरू हो गया है। अगले साल उत्तराखंड में होने वाले विधान सभा चुनाव से इसकी शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि उत्तराखंड में विकल्प तैयार है और यह विकल्प समानता पार्टी की अगुवाई में बन गई है। स्वामी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि 1880 से पहले समाज में कोई बंटवारा नहीं था। 1857 में डिप्रेस्ट क्लाश बनी। ज्योतिबा फुले उसके अगुवा बने। तभी से सर्वर्णों का अधोपतन शुरू हो गया। इसे आप पहला सनातनी विद्रोह भी कह सकते हैं। 1909 में सिविल सेवा परीक्षा की शुरुआत हुई और जब सर्वणों का उसमें चयन ज्यादा होने लगा तो फिर 1918-1919 से अंग्रेजो ने फूट डालो राज करो की नीति अपनाते हुए पहले सिख को बांटा। बाद में हिंदुओं से बांटना शुरु किया और तभी आबंडेकर नाम के महामानव ने जन्म लिया और फिर क्या हुआ, हम सब लोग जानते हैं। मुस्लिम को अलग वोट का अधिकार मिला तो आंबेडकर ने भी अपनी जातियों के खिलाफ जातिगत आरक्षण की मांग करते हुए वोट का अधिकार मांग लिया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/हमने कभी शोषण नहीं किया बल्कि हम शोषित वर्ग के पहरूआ बने रहे। आज काकरोज जनता पार्टी को सरकार जंतर मंतर पर अनुमति दे रही है लेकिन हमे आठ मार्च के बाद आंदोलन की अनुमति नहीं मिल रही। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी हमारी नहीं सुन रही है। ऐसे में हमारे पास एक ही विकल्प है कि जिस तरह राजस्थान में भाजपा हटाओ अभियान शुरू हुआ उसी प्रकार पूरे देश से भाजपा और कांग्रेस हटाओ आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। यूजीसी, एससीएसटी कानून समाप्त होगा और आरक्षण की समीक्षा तभी होगी।इस कार्यक्रम में संविधानवादी समाज पार्टी के संस्थापक अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी, पूर्व डीआईजी आईपीएस अधिकारी जुगल किशोर तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्र, यूकेडी के नेता रहे अरुण शर्मा, एसके सिंह, तेज सिंह कार्की, काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी, कुंमाउं के कद्दावर भाजपा नेता रहे भुवन भट्ट, पंडित विशाल शर्मा, यूकेडी के कद्दावर नेता रहे आशुतोष नेगी, रीता विष्ठ कौल, चंदन सिंह नेगी, दिनेश बाली के साथ समानता मंच के संस्थापक रतूरी जी, नौटियाल जी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।आनंद स्वरुप महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में विपक्ष के रुप में आशुतोष नेगी की उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलांयस फ्रंटियर दल या कहें कि विकल्प या तीसरे मोर्चे के रुप में खड़ा हो रहा है। इसी तरह के तीसरे मोर्चे में उत्तराखंड को बचाने वाले सभी लोगों को चाहे वह आईएएस हों, आईपीएस हों, एलाइड सविर्स से हों। सभी को अपनी महत्वाकांक्षा छोड़कर आपस में अहम भूलते हुए एकताबद्ध होना पड़ेगा तभी देवभूमि और हिमालय की संस्कृति बचेगी। बद्रीनाथ में डीजे बजना बंद होगा। लव जेहाद बंद होगा। कालेज छात्रा अंकिता भंडारी को न्याय मिलेगा। इस देश को बचाने के लिए या तो गृह युद्ध की ओर बढ़ना होगा या फिर कहें कि ट्रंप की शरण में जाना होगा। इसलिए मैं आज इस सभा में युवाओं को संकल्प दिलाता हूं कि एक संन्यासी के सामने आप अनुशासित होकर तीसरे विकल्प और मोर्चे को समर्थन देना चाहिए।