भर्ती घोटाले में आजम खान फंसे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जल निगम भर्ती घोटाले में एसआईटी रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद योगी सरकार ने आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया है। सपा नेता आजम के खिलाफ आरोप है कि साल 2016-17 में जल निगम के भर्ती बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए उनके द्वारा 1300 पदों पर भर्ती में गड़बड़ी की गई।

यूपी में योगी सरकार आने के बाद इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी, जिसमें अब रिपोर्ट आ गई है।
एसआईटी के पूछताछ के बाद आजम का इस आरोप पर कहना था कि, ‘मेरे ऊपर न कभी कोई दाग था, न है और न ही कभी होगा। इससे बड़ा सवाल क्या होगा कि मौजूदा सरकार ने कम से कम मेरे मुंह पर कालिख तो लगा ही दी। मैं भाजपा सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने ऐसे आदमी पर इल्जाम लगाया है, जिसने आज तक एक मोटर तक नहीं खरीदी। उसके दामन और चेहरे पर कालिख लगाई है।’
विदित हो कि एसआईटी की जांच पूरी होने की खबरों के बीच पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने भी आजम खान का बचाव किया था। अखिलेश ने इस आरोप के जवाब में योगी सरकार पर भी आरोप लगाया था। उन्‍होंने कहा था, सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है।
आजम पर आरोप है कि जल निगम में 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता समेत कुल 1300 पद पर नियुक्तियां होनी थी, जिनमें अनियमितता बरती गई। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही थी। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपी गई, जिसके बाद अब आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया गया है। इस फैसले से आजम खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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