उत्तरप्रदेश में तूफान का कहर

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों में 13 और 14 मई की दरमियानी रात को आए आंधी तूफान में कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई जबकि 83 लोग घायल हुए हैं। तेज हवाएं चलने से प्रदेशभर में कई स्थानों पर पेड़ गिरने की खबर हैं।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कल रात धूल भरी आंधी और बारिश के कारण हुई घटनाओं में 51 लोगों की मौत हुई है जबकि 83 लोग घायल हुए हैं। आंधी से प्रदेश के 25 जिले प्रभावित हुये हैं। 121 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
प्रांतीय राजधानी से करीब 28 किलोमीटर दूर बाराबंकी जिले में 13 लोगों के मरने की सूचना है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से आठ लोगों की मौत घाघरा नदी में डूबने से हुई। यह लोग घाघरा नदी में नाव पर सैर कर रहे थे। तेज हवा में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। स्थानीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बरेली जिले में आठ लोगों की मौत हुई है जबकि कासगंज में छह, बुलंदशहर में चार और लखीमपुर खीरी में तीन लोगों की मौत हुई है। जौनपुर, सहारनपुर और प्रतापगढ़ में दो-दो लोगों की मौत हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि इटावा, कन्नौज, संभल, अलीगढ़, गाजियाबाद, गौतमबुध्द नगर, बंदायू, मिर्जापुर, मथुरा, मुजफफरनगर और शामली में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

बाल-बाल बचीं हेमा मालिनी : उत्तर प्रदेश के मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी रविवार को उस समय बाल-बाल बच गईं जब आंधी-तूफान की वजह से एक पेड़ अचानक उनके काफिले के आगे गिर गया। यह घटना उस समय हुई जब हेमा मालिनी एक गांव में सभा को संबोधित करके लौट रही थीं। गनीमत रही कि खराब मौसम को देखते हुए सतर्क होकर वाहन चला रहे उनके चालक ने पेड़ से टकराने से पहले ही ब्रेक लगाकर गाड़ी को नियंत्रित कर लिया। उसके बाद सांसद के सुरक्षाकर्मियों एवं कार्यकर्ताओं ने मिलकर पेड़ हटाकर रास्ता साफ किया।

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