अब कुछ ही घंटे शेष, येदियुरप्पा रहेंगे या जाएंगे, हो जाएगा फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक मामले में अहम फैसला देते हुए कहा कि बीएस येदियुरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे सदन में बहुमत साबित करना होगा।

अदालत ने यह भी कहा कि अब येद्दियुरप्पा बहुमत साबित करने तक नीतिगत निर्णय भी नहीं ले पाएंगे।

कर्नाटक भाजपा भले ही सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके पास पूर्ण बहुमत नहीं है। हाल के परिणामों के बाद भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जदएस को 38 सीटें मिली हैं, जबकि अन्य के खाते में दो सीटें आई हैं।

हालांकि येदियुरप्पा दावा कर रहे हैं वे पांच साल तक राज्य के मुख्‍यमंत्री रहेंगे, लेकिन शनिवार शाम 4 बजे इस दावे से पर्दा हट जाएगा कि वे राज्य की सत्ता में रहेंगे या फिर अल्पमत में होने के कारण उनकी सरकार गिर जाएगी।

येदियुरप्पा ने कहा : सुनवाई केदौरान येद्दियुरप्पा ने उच्चतम न्यायालय में वह पत्र पेश किये जो उन्होंने कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए राज्यपाल को लिखे थे। उच्चतम न्यायालय ने येद्दियुरप्पा के वकील मुकुल रोहतगी से कांग्रेस-जद (एस) का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों को पत्र की प्रतियां मुहैया कराने को कहा।

येद्दियुरप्पा ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन एक ‘नापाक’ गठबंधन है। येद्दियुरप्पा ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि कर्नाटक की जनता ने सत्तारूढ़ दल कांग्रेस को पदच्युत कर दिया है और अकेले सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी पार्टी ही जनादेश है।

येद्दियुरप्पा ने उच्चतम न्यायालय को उस पत्र के बारे में बताया जो उन्होंने 16 मई को राज्यपाल को भेजा था और जिसमें कहा था कि भाजपा को अन्य का समर्थन हासिल है और वह ‘स्थिर सरकार’ देगी। उच्चतम न्यायालय ने कल ही शक्ति परीक्षण कराने को कहा हालांकि मुख्यमंत्री ने कम से कम सोमवार तक का समय मांगा था।

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि शीर्ष अदालत का यह फैसला ऐतिहासिक है। शनिवार को दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दूसरी ओर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भाजपा सदन में बहुमत साबित कर देगी। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए येद्दि को 15 दिन का समय दिया था।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने जदएस को समर्थन दिया है। दोनों की मिलाकर 116 सीटें होती हैं, जो कि बहुमत के लिहाज से पर्याप्त हैं। जदयएस के नेता एचडी कुमारस्वामी भी कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल ने पहला मौका भाजपा को दिया। इसके बाद येदियुरप्पा को राज्य के 24वें मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।

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